Google AdSense से कितनी कमाई होती है? 1000 व्यूज़, RPM और पूरी कमाई का कैलकुलेशन (हिंदी गाइड)
जब भी कोई नया व्यक्ति ब्लॉग या वेबसाइट बनाना शुरू करता है, उसके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है – “Google AdSense से आखिर कितनी कमाई होती है?” किसी से सुनते हैं कि हज़ारों रुपये रोज़ कमाए जा सकते हैं, तो किसी से सुनते हैं कि अब AdSense से कुछ नहीं मिलता। सच न तो इन दोनों के बिल्कुल पास होता है, न ही बहुत दूर। असली सच्चाई बीच में छिपी होती है, और वह पूरी तरह समझ, रणनीति और सही गणना पर आधारित होती है।
1. Google AdSense क्या है और यह पैसे कहाँ से लाता है?
Google AdSense को आप सरल भाषा में “विज्ञापन बाँटने वाली सेवा” समझ सकते हैं। एक तरफ़ वे कंपनियाँ और ब्रांड होते हैं जो अपने उत्पादों और सेवाओं के विज्ञापन दिखाना चाहते हैं, और दूसरी तरफ़ आप जैसे ब्लॉगर, वेबसाइट मालिक और कंटेंट बनाने वाले होते हैं जो अपनी साइट पर उन विज्ञापनों को दिखाकर कमाई करना चाहते हैं।
पूरा तंत्र कुछ इस प्रकार काम करता है:
- कंपनियाँ Google के माध्यम से विज्ञापन चलाने के लिए बजट तय करती हैं।
- Google उन विज्ञापनों को ऐसी वेबसाइटों और ब्लॉग पर दिखाता है जहाँ विषय और पाठक दोनों मेल खाते हों।
- जब कोई पाठक आपकी साइट पर आता है और विज्ञापन देखता या उस पर क्लिक करता है, तब Google उस कमाई का हिस्सा आपको देता है।
यानी Google AdSense से होने वाली आपकी कमाई, असल में उन विज्ञापनदाताओं के बजट का हिस्सा होती है जो अपने ब्रांड के लिए ग्राहकों तक पहुँचना चाहते हैं।
2. Google AdSense की कमाई किन बातों पर निर्भर करती है?
कई लोग यह सोचते हैं कि जितने ज़्यादा व्यूज़ आएँगे, उतनी ही ज़्यादा कमाई होगी। यह बात आधी सही और आधी गलत है। व्यूज़ ज़रूरी हैं, लेकिन अकेले व्यूज़ सब कुछ तय नहीं करते। आपकी AdSense आय इन मुख्य कारकों पर निर्भर करती है:
- आपका विषय (निच): मनोरंजन और फाइनेंस की कमाई कभी समान नहीं होगी।
- पाठकों का देश: भारत, अमेरिका, यूरोप आदि देशों के बीच ज़बरदस्त अंतर होता है।
- विज्ञापन का प्रकार: कुछ विज्ञापन ज़्यादा पैसे देते हैं, कुछ बहुत कम।
- क्लिक की दर: कितने लोग विज्ञापन पर क्लिक कर रहे हैं (CTR)।
- लेख की लंबाई और गुणवत्ता: जितना अच्छा और उपयोगी कंटेंट, उतना अधिक समय पाठक पेज पर बिताते हैं, और उतने ज़्यादा विज्ञापन दिखने का अवसर मिलता है।
इसलिए जब भी आप यह पूछें कि “Google AdSense से कितनी कमाई होती है?” तो उसके साथ यह भी पूछिए – किस विषय पर, किस देश से आने वाले ट्रैफ़िक पर और किस स्तर के कंटेंट के साथ।
3. 1000 व्यूज़ पर कितनी कमाई हो सकती है? (प्रैक्टिकल अनुमान)
अब आते हैं उस सवाल पर जो लगभग हर नया ब्लॉगर जानना चाहता है – “1000 व्यूज़ पर कितने रुपये मिलेंगे?” नीचे दी गई सारणी केवल एक वास्तविक अनुमान (रेंज) दिखाती है ताकि आप एक सही अपेक्षा बना सकें:
| ब्लॉग कैटेगरी / विषय | भारत में औसत RPM (₹) | 1000 व्यूज़ पर सम्भावित कमाई (₹) |
|---|---|---|
| सामान्य मनोरंजन, शायरी, कोट्स आदि | ₹10 – ₹30 | ₹10 – ₹30 |
| टेक्नोलॉजी, मोबाइल टिप्स, ऐप गाइड | ₹30 – ₹80 | ₹30 – ₹80 |
| शिक्षा, परीक्षा तैयारी, करियर गाइड | ₹40 – ₹100 | ₹40 – ₹100 |
| फाइनेंस, बीमा, लोन, क्रेडिट कार्ड | ₹80 – ₹200+ | ₹80 – ₹200+ |
| क्रिप्टोकरेंसी, निवेश उपकरण, टैक्स टूल्स | ₹100 – ₹250+ | ₹100 – ₹250+ |
यह केवल सामान्य रेंज है। किसी ब्लॉग की वास्तविक कमाई इससे थोड़ी कम या अधिक हो सकती है, लेकिन इससे आपको स्पष्ट अंदाज़ा मिल जाता है कि विषय बदलते ही कमाई कई गुना बदल सकती है।
3.1 समान व्यूज़, अलग कमाई – एक सरल तुलना
मान लीजिए दो ब्लॉग हैं, दोनों पर महीने भर में लगभग 50,000 पेज व्यू आते हैं:
- ब्लॉग–A: सामान्य मनोरंजन, अनुमानित RPM ≈ ₹20
- ब्लॉग–B: फाइनेंस और निवेश, अनुमानित RPM ≈ ₹120
अब दोनों की अनुमानित मासिक AdSense कमाई देखें:
- ब्लॉग–A आय ≈ (50,000 ÷ 1000) × 20 = 50 × 20 = ₹1,000
- ब्लॉग–B आय ≈ (50,000 ÷ 1000) × 120 = 50 × 120 = ₹6,000
दोनों का ट्रैफ़िक लगभग समान है, लेकिन सिर्फ़ विषय बदलने से कमाई छह गुना अधिक हो गई। यहीं से समझ आता है कि सिर्फ़ “व्यूज़” नहीं, “व्यूज़ + सही विषय” असली खेल है।
4. RPM और CPC क्या होते हैं? (बहुत आसान भाषा में)
अब उन दो शब्दों को समझते हैं जिनका नाम तो बहुत सुना जाता है, लेकिन अक्सर आधा ही समझ में आता है – RPM और CPC।
4.1 RPM – हज़ार व्यूज़ पर कमाई
RPM का पूरा अर्थ होता है “Revenue Per 1000 Impressions”। आसान भाषा में कहें तो – आपकी वेबसाइट पर आए हुए हर 1000 पेज व्यू पर औसतन कितनी कमाई हुई, यह संख्या RPM बताती है।
RPM = (कुल कमाई ÷ कुल पेज व्यू) × 1000
उदाहरण के लिए, यदि किसी महीने आपकी कुल AdSense कमाई ₹3,000 है और उसी महीने कुल 60,000 पेज व्यू आए, तो:
- RPM = (3000 ÷ 60000) × 1000 = 0.05 × 1000 = ₹50
इसका अर्थ है कि औसतन 1000 व्यू पर आपकी कमाई ₹50 रही। यही संख्या असल में सबसे महत्वपूर्ण होती है।
4.2 CPC – एक क्लिक पर मिलने वाली राशि
CPC का अर्थ है “Cost Per Click”। यानी आपकी साइट पर दिखाए गए विज्ञापन पर जब कोई पाठक क्लिक करता है, तो Google उस क्लिक के बदले जो राशि देता है, वही CPC कहलाती है।
सामान्य ब्लॉगों पर CPC कई बार केवल ₹2–₹5 तक रहती है, जबकि फाइनेंस, बीमा, लोन, क्रेडिट कार्ड जैसे उच्च मूल्य वाले विषयों में यह ₹50–₹200 या उससे भी अधिक हो सकती है। यही कारण है कि ऐसे विषयों को अक्सर High RPM Niche कहा जाता है।
5. भारत बनाम अमेरिका – AdSense कमाई में इतना अंतर क्यों?
अक्सर आप यह सुनते होंगे कि “अमेरिका का ट्रैफ़िक लाओ, कमाई अपने आप कई गुना बढ़ जाएगी।” यह बात काफी हद तक सही भी है। इसके पीछे कुछ स्पष्ट कारण हैं:
- खर्च करने की क्षमता: अमेरिका जैसे देशों में लोग ऑनलाइन सेवाओं पर अधिक पैसा खर्च करते हैं, इसलिए वहाँ के विज्ञापनदाता ज़्यादा बोली लगाते हैं।
- उच्च प्रतिस्पर्धा: एक ही ग्राहक तक पहुँचने के लिए कई कंपनियाँ प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिससे एक क्लिक या एक विज्ञापन दिखाने की कीमत बढ़ जाती है।
- उत्पादों की कीमत: बीमा, सॉफ़्टवेयर, सदस्यता आधारित सेवाएँ आदि वहाँ महँगी होती हैं, इसलिए प्रति ग्राहक विज्ञापनदाता अधिक निवेश करने को तैयार रहते हैं।
| पैरामीटर | सामान्य भारतीय ब्लॉग | उसी विषय पर अमेरिकी ट्रैफ़िक वाला ब्लॉग |
|---|---|---|
| औसत CPC | लगभग ₹2 – ₹15 | लगभग ₹20 – ₹100+ |
| औसत RPM | लगभग ₹20 – ₹80 | लगभग ₹300 – ₹600 |
| 1000 व्यूज़ पर कमाई | ₹20 – ₹80 के बीच | ₹300 – ₹600 या उससे अधिक |
इसका मतलब यह नहीं कि केवल विदेशी पाठकों पर ध्यान दिया जाए, बल्कि यह समझना ज़रूरी है कि पाठकों के देश के अनुसार AdSense कमाई में कितना बड़ा अंतर आ सकता है।
6. Google AdSense इनकम कैलकुलेटर – अपनी मासिक कमाई का अंदाज़ा लगाएँ
बहुत से लोग “AdSense आय कैलकुलेटर” नाम से अलग–अलग टूल ढूँढते हैं, जबकि वास्तव में पूरा हिसाब एक ही साधारण सूत्र से निकाला जा सकता है। इस सूत्र को आप कॉपी करके कहीं भी लिख लें और अपने ब्लॉग का अनुमान आसानी से लगा सकते हैं।
अनुमानित मासिक AdSense कमाई = (कुल पेज व्यू ÷ 1000) × RPM
6.1 छोटा ब्लॉग – वास्तविक उदाहरण
- मान लीजिए आपके ब्लॉग पर प्रतिदिन लगभग 500 पेज व्यू आते हैं।
- इस प्रकार महीने भर में कुल पेज व्यू ≈ 500 × 30 = 15,000।
- यदि आपके ब्लॉग का औसत RPM लगभग ₹40 है (सामान्य हिंदी ब्लॉग के लिए ठीक–ठाक मान),
- तो मासिक आय ≈ (15,000 ÷ 1000) × 40 = 15 × 40 = ₹600 के आसपास।
यह सुनकर शुरू में राशि कम लग सकती है, लेकिन यही वह स्तर है जहाँ अधिकांश नए ब्लॉग वास्तव में पहुँचते हैं। यही कारण है कि शुरुआत में सही विषय, सही लेखन और धैर्य सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
6.2 बड़ा या निच–फोकस्ड ब्लॉग – दूसरा उदाहरण
- मान लीजिए प्रतिदिन 3,000 पेज व्यू आते हैं।
- मासिक पेज व्यू ≈ 3,000 × 30 = 90,000।
- यदि आपका विषय फाइनेंस/टेक जैसा है और औसत RPM लगभग ₹90 है,
- तो अनुमानित आय ≈ (90,000 ÷ 1000) × 90 = 90 × 90 = ₹8,100 के आसपास।
यहाँ ट्रैफ़िक केवल छह गुणा बढ़ा, लेकिन RPM भी सामान्य विषयों से बेहतर होने के कारण आय कहीं अधिक आकर्षक दिखाई देती है।
6.3 अमेरिकी ट्रैफ़िक वाला ब्लॉग – तीसरा उदाहरण
- मान लीजिए महीने भर में 50,000 पेज व्यू आते हैं।
- AdSense RPM यदि औसतन ₹400 के आसपास हो (अच्छे अमेरिकी ट्रैफ़िक के मामले में यह संभव है),
- तो अनुमानित आय ≈ (50,000 ÷ 1000) × 400 = 50 × 400 = ₹20,000 के आसपास।
यहाँ पेज व्यू पहले वाले उदाहरण से कम हैं, लेकिन RPM इतना ऊँचा है कि कुल कमाई फिर भी अधिक है। इसी से साफ़ होता है कि केवल “कितने व्यूज़ आए” से अधिक महत्त्वपूर्ण होता है – “वो व्यूज़ कहाँ से और किस विषय पर आए।”
7. ब्लॉग से AdSense कमाई बढ़ाने के सबसे असरदार तरीके
अब तक आपने देखा कि Google AdSense से कमाई केवल भाग्य की बात नहीं, बल्कि साफ़–साफ़ गणित और रणनीति पर आधारित है। अब कुछ ऐसे व्यावहारिक उपाय देखते हैं जिनसे आप अपनी AdSense आय को समय के साथ बढ़ा सकते हैं।
7.1 सही विषय (निच) का चुनाव करें
यदि ब्लॉग केवल समय बिताने वाली सामग्री पर आधारित होगा, जैसे सामान्य चुटकुले, हल्की–फुल्की बातें या बहुत अधिक सामान्य ज्ञान की मिलीजुली जानकारी, तो AdSense RPM अक्सर बहुत कम रहता है। इसके बजाय यदि आप फाइनेंस, बीमा, ऑनलाइन कमाई, करियर, टेक्नोलॉजी, डिजिटल टूल्स, शिक्षा जैसे विषयों पर गहरे और उपयोगी लेख लिखते हैं, तो विज्ञापनदाता स्वाभाविक रूप से ज़्यादा भुगतान करते हैं।
7.2 लम्बे और उपयोगी लेख लिखें
300–400 शब्द के छोटे–छोटे लेख खोज इंजन और पाठक दोनों को अधूरे लगते हैं। जब आप किसी विषय पर विस्तार से, चरणबद्ध तरीके से, उदाहरणों के साथ लिखते हैं, तो:
- पाठक पेज पर अधिक समय बिताते हैं,
- उनके सामने ज़्यादा विज्ञापन दिखने का अवसर बनता है,
- खोज इंजन भी उस लेख को अधिक मूल्यवान मानता है।
इस प्रकार केवल लेख की लंबाई नहीं, बल्कि गहराई और उपयोगिता आपकी AdSense कमाई को समय के साथ बढ़ाती है।
7.3 उच्च CPC वाले शब्दों पर ध्यान दें
हर विषय में कुछ ऐसे की–वर्ड होते हैं जिन पर आने वाले विज्ञापन ज़्यादा पैसे देते हैं। जैसे – “सबसे अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस”, “क्रेडिट कार्ड तुलना”, “वेब होस्टिंग प्लान”, “ऑनलाइन कोर्स प्लेटफ़ॉर्म” आदि। यदि आप अपने लेखों में स्वाभाविक ढंग से ऐसे उच्च मूल्य वाले की–वर्ड शामिल करते हैं, तो पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी देते हुए भी आप अपनी कमाई की संभावना बढ़ाते हैं।
7.4 पेज डिज़ाइन और विज्ञापन स्थान पर ध्यान दें
बहुत अधिक विज्ञापन लगाने से पाठक परेशान हो जाते हैं और पेज जल्दी बंद कर देते हैं, जबकि बहुत कम विज्ञापन लगाने से कमाई की संभावना घट जाती है। संतुलन ज़रूरी है:
- लेख की शुरुआत के बाद एक विज्ञापन,
- बीच में 1–2 इन–आर्टिकल विज्ञापन,
- और अंत के पास एक अतिरिक्त विज्ञापन अच्छी रणनीति मानी जाती है।
यदि आप Auto Ads का उपयोग कर रहे हैं तो भी कोशिश करें कि पेज साफ़–सुथरा और पठनीय बना रहे। पाठक जितनी आसानी से लेख पढ़ पाएँगे, उतनी ही स्वाभाविक रूप से विज्ञापन भी देखेंगे।
7.5 पेज की गति और मोबाइल अनुभव बेहतर बनाएं
आज अधिकांश लोग मोबाइल पर ब्लॉग पढ़ते हैं। यदि आपका पेज धीरे खुलता है, लेख का फ़ॉन्ट बहुत छोटा है, या डिज़ाइन बिगड़ा हुआ दिखता है, तो पाठक तुरंत वापस लौट जाते हैं। इससे:
- व्यूज़ तो गिने जाते हैं, पर विज्ञापन ठीक से नहीं दिख पाते,
- औसत समय कम हो जाता है,
- और कुल मिलाकर RPM पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
हल्के चित्र, साफ़ फ़ॉन्ट, और तेज़ पेज लोड समय – ये सभी AdSense कमाई में अप्रत्यक्ष रूप से बहुत मदद करते हैं।
8. एक नए ब्लॉगर के लिए AdSense तक पहुँचने की पूरी यात्रा
यदि आप अभी–अभी शुरुआत कर रहे हैं या करने वाले हैं, तो यह समझना महत्वपूर्ण है कि AdSense से कमाई एक–दो सप्ताह या एक–दो लेखों का परिणाम नहीं होती। नीचे दी गई यात्रा एक सामान्य, लेकिन बहुत वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है:
चरण 1 – विषय तय करना
सबसे पहले यह सोचें कि आप किस विषय पर लंबे समय तक लिख सकते हैं। ऐसा विषय चुनें जिसमें आपकी रुचि भी हो और भविष्य में कमाई की संभावना भी हो। उदाहरण के लिए – शिक्षा, टेक्नोलॉजी, व्यक्तिगत वित्त, डिजिटल टूल्स, करियर मार्गदर्शन आदि।
चरण 2 – शुरुआती 20–30 उच्च गुणवत्ता वाले लेख
शुरुआत में ही दर्जनों लेख लिखने का दबाव न लें, लेकिन जो लेख लिखें, उन्हें यथासंभव उपयोगी, साफ़ और संपूर्ण बनाने की कोशिश करें। यही लेख आगे चलकर आपके ब्लॉग की पहचान बनते हैं।
चरण 3 – ट्रैफ़िक बढ़ाने की कोशिश
जैसे–जैसे आपके लेख इंडेक्स होते हैं और धीरे–धीरे सर्च में दिखने लगते हैं, आपको ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक मिलना शुरू होता है। इसके साथ–साथ:
- सोशल मीडिया पर उपयोगी पोस्ट साझा करें,
- अपनी निच से जुड़ी कम्युनिटी में सहभागिता करें,
- कभी–कभार गेस्ट पोस्ट या सहयोग के ज़रिये नए पाठक तक पहुँचें।
चरण 4 – AdSense अनुप्रयोग और अनुमोदन
जब आपके ब्लॉग पर पर्याप्त और मौलिक सामग्री, आवश्यक पेज (About, Contact, Privacy Policy आदि) और थोड़ी–बहुत स्थिर ट्रैफ़िक आ जाए, तब आप AdSense के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुमोदन मिलते ही आप अपने ब्लॉग पर विज्ञापन दिखाना शुरू कर सकते हैं।
चरण 5 – RPM और कमाई पर नज़र रखना
AdSense से कमाई शुरू होते ही केवल “आज कितने रुपये आए” देखने की बजाय यह भी देखें:
- कौन–से लेख सबसे अधिक व्यूज़ ला रहे हैं,
- किस देश से कितने पाठक आ रहे हैं,
- किस प्रकार के लेखों पर RPM अधिक है।
इन्हीं आँकड़ों के आधार पर आप अगला कंटेंट प्लान बना सकते हैं और धीरे–धीरे अपने ब्लॉग को एक मजबूत आय स्रोत की दिशा में ले जा सकते हैं।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या Google AdSense हर 1000 व्यूज़ पर तय पैसे देता है?
नहीं। कोई भी निश्चित रेट नहीं होता। हर साइट के लिए 1000 व्यूज़ पर मिलने वाली कमाई अलग–अलग होती है। इसका कारण है – विषय, देश, विज्ञापन की बोली, सीज़न, CTR, RPM आदि में लगातार बदलाव।
प्रश्न 2: शुरुआती ब्लॉगर के लिए वास्तविक कमाई कितनी हो सकती है?
यदि आपका ब्लॉग अभी नया है, सामान्य हिंदी विषय पर है और रोज़ के 300–500 पेज व्यू आते हैं, तो शुरू में AdSense से कुछ सौ रुपये से लेकर एक–दो हज़ार रुपये तक की मासिक कमाई होना सामान्य बात है। समय, अनुभव और विषय की समझ बढ़ने के साथ यही कमाई कई गुना बढ़ सकती है।
प्रश्न 3: क्या केवल हिंदी ब्लॉग से अच्छी AdSense कमाई संभव है?
बिलकुल संभव है। आज हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में पढ़ने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है, और विज्ञापनदाता भी इन भाषाओं को गंभीरता से ले रहे हैं। यदि आपका विषय मजबूत है और सामग्री उपयोगी है, तो हिंदी ब्लॉग से भी एक अच्छी कुल कमाई अर्जित की जा सकती है।
प्रश्न 4: क्या बिना AdSense के भी ब्लॉग से कमाई हो सकती है?
हाँ, AdSense केवल एक तरीका है। इसके अलावा भी कई रास्ते हैं:
- एफ़िलिएट मार्केटिंग
- ई–बुक, कोर्स, पीडीएफ जैसी डिजिटल उत्पाद बिक्री
- ब्रांड स्पॉन्सरशिप और सहयोग
- कंसल्टिंग या सेवाएँ देना
अक्सर सफल ब्लॉगर AdSense के साथ–साथ इन सब साधनों का उपयोग करते हैं, ताकि कुल मिलाकर उनकी ऑनलाइन आय स्थिर और मजबूत रहे।
प्रश्न 5: क्या AdSense अकाउंट आसानी से बंद हो सकता है?
यदि आप नीतियों का पालन करते हैं, तो सामान्यतः कोई समस्या नहीं होती। लेकिन यदि कोई अपने ही विज्ञापन पर क्लिक करता है, पाठकों से क्लिक करने की अपील करता है, या कॉपीराइट, अवैध सामग्री और प्रतिबंधित विषयों पर काम करता है, तो अकाउंट बंद होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए नियमों को समझकर चलना ज़रूरी है।
10. निष्कर्ष – Google AdSense कमाई को अनुमान नहीं, गणित की तरह देखें
अब जब आपने पूरा लेख पढ़ लिया है, तो आप साफ़–साफ़ समझ सकते हैं कि “Google AdSense से कितनी कमाई होती है” इस प्रश्न का एक ही जवाब सभी पर लागू नहीं हो सकता। हर ब्लॉग की यात्रा अलग होती है, लेकिन उसके पीछे का सिद्धांत एक जैसा होता है।
अनुमानित आय ≈ (कुल पेज व्यू ÷ 1000) × RPM
यदि आप इस सरल सूत्र को ध्यान में रखें, सही विषय चुनें, नियमित रूप से उपयोगी और गहरे लेख लिखें, अपने पाठकों को समझें और धैर्य के साथ आगे बढ़ें, तो आपका ब्लॉग भी कुछ समय बाद एक मज़बूत डिजिटल संपत्ति और स्थायी आय का स्रोत बन सकता है।
अंत में बस इतना याद रखें:
- तेज़ और आसान शॉर्टकट अक्सर थोड़े समय के लिए काम करते हैं, लेकिन जोखिम भी बढ़ाते हैं।
- धीमी, स्थिर और गुणवत्ता आधारित मेहनत लंबी दौड़ में हमेशा अधिक लाभ देती है।
- Blogging + Google AdSense आज भी काम करता है, बशर्ते आप इसे गंभीरता से और योजनाबद्ध तरीके से करें।
यदि आप इस गाइड से कुछ सीख पाए हैं, तो अब अगला कदम यही है कि आप अपने ब्लॉग के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करें, अपना खुद का छोटा–सा AdSense कमाई कैलकुलेशन बनाएँ और धीरे–धीरे उस दिशा में काम शुरू कर दें।